हरिद्वार : (फरमान मलिक) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को हरिद्वार में आयोजित अखिल विश्व गायत्री परिवार के शताब्दी वर्ष समारोह में भाग लेते हुए गायत्री परिवार द्वारा किए जा रहे सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यों की सराहना की। उन्होंने आचार्य श्रीराम शर्मा के योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि भारतीय परंपराओं में ही विश्व की समस्याओं का समाधान निहित है।
गृह मंत्री ने कहा कि श्रीराम शर्मा आचार्य ने सनातन धर्म में व्याप्त विकृतियों को दूर कर आध्यात्मिकता को सामाजिक सरोकारों से जोड़ा और समानता, संस्कृति, एकता व अखंडता के मूल्यों को सुदृढ़ किया। उन्होंने व्यक्ति निर्माण से समाज निर्माण और राष्ट्र निर्माण के विचार को व्यवहार में उतारने का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने आचार्य जी के संदेश हम सुधरेंगे, युग सुधरेगा को मानव कल्याण का मूल मंत्र बताते हुए इसे जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
अमित शाह ने कहा कि बीते दस वर्षों में देश की कार्य संस्कृति और सोच में सकारात्मक परिवर्तन आया है। आज भारत को उसकी गौरवशाली विरासत, संस्कृति और मूल्यों के लिए सम्मान की दृष्टि से देखा जा रहा है। स्वामी विवेकानंद और अरविंद घोष जैसे महापुरुषों के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत के उत्कर्ष से मानवता का उत्कर्ष सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि देवभूमि हरिद्वार में कदम रखते ही आध्यात्मिक अनुभूति होती है और गायत्री मंत्र व्यक्ति के भीतर सद्भाव, राष्ट्र सेवा और मानव कल्याण की चेतना को जाग्रत करता है। उन्होंने युवाओं से आत्म सुधार को सबसे बड़ी सामाजिक सेवा मानकर जीवन में अपनाने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि गायत्री परिवार एक वटवृक्ष के समान है, जो आध्यात्मिक चेतना का प्रचार प्रसार करते हुए समाज को शांति और सकारात्मकता की छाया प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अपनी गौरवशाली संस्कृति, ज्ञान और विज्ञान को नए स्वरूप में पुनः स्थापित कर रहा है और सनातन संस्कृति का संदेश विश्व तक पहुंचे, इसके लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार आध्यात्मिक जागरण का कार्य कर रहा है।
अखिल विश्व गायत्री परिवार से डॉ. चिन्मय पांड्या ने कहा कि गायत्री परिवार का दर्शन समाज से विमुख होना नहीं, बल्कि समाज में रहकर मानव कल्याण और सामाजिक उत्थान के कार्यों को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि संस्थान वेद, उपनिषद और गीता से प्रेरणा लेकर आधुनिक तकनीक को अपनाते हुए शिक्षा, प्रशिक्षण और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए राष्ट्र धर्म की रक्षा आवश्यक है।
कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला, राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह, विधायक मदन कौशिक सहित देश विदेश से आए बड़ी संख्या में गायत्री साधक और श्रद्धालु उपस्थित रहे।



