मंगलौर/हरिद्वार। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के आगमन के दौरान शनिवार को सुराज सेवा दल के पदाधिकारी अंकिता भंडारी हत्याकांड, भ्रष्टाचार और अवैध खनन के खिलाफ ज्ञापन देने हरिद्वार की ओर बढ़े। पुलिस प्रशासन ने उन्हें मंगलौर में ही रोक दिया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई और कार्यकर्ताओं ने सड़क पर धरना देकर अपनी नाराजगी जताई।
कावेरी जोशी ने कहा कि उत्तराखंड में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं और अंकिता भंडारी हत्याकांड पर सरकार की चुप्पी शर्मनाक है। देवेन्द्र बिष्ट ने आरोप लगाया कि प्रदेश में विपक्ष अपनी भूमिका निभाने में विफल रहा, इसलिए सुराज सेवा दल अब जनता की आवाज बनकर मैदान में है। इंतजार प्रधान ने कहा कि पुलिस के दम पर कार्यकर्ताओं को रोकना सत्ता की हताशा दिखाता है।
प्रशासन को सौंपा गया ज्ञापन अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर लिया और कार्यकर्ताओं को आश्वासन मिलने के बाद मामला शांत हुआ। इस दौरान देवेंद्र बिष्ट, कावेरी जोशी, इंतजार प्रधान, रईस अहमद, नफीस अहमद खटका, साबिर राणा, नौशाद प्रधान, मुजफ्फर प्रधान, नदीम अहमद पीरपुरा, हाजी इरफान, उस्मान अली, सनावर अंसारी, जावेद अंसारी, आतिश मिश्रा, असलम बहादराबाद, हसन अली, हैदर खान, राव औरंगजेब, सोनू राव, सोहेल, सैफ, सुमित, नितिन, दिनेश, सतबीर, सुशील सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे।



