पिरान कलियर : (फरमान मलिक) ऑपरेशन प्रहार के तहत हरिद्वार पुलिस ने एक मामले का खुलासा करते हुए 14 वर्षीय नाबालिग बच्ची को कर्नाटक के बैंगलोर से सकुशल बरामद कर लिया। आरोपी महिला बच्ची को बहला-फुसलाकर रुड़की से अपने साथ ले गई थी और उसे भीख मंगवाने व गलत कार्यों में धकेलने की योजना बना रही थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। पुलिस अधीक्षक देहात व सीओ रुड़की के पर्यवेक्षण में गठित टीम ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई।
घटना 9 अप्रैल की है, जब पड़ोस में रहने वाली महिला नाबालिग को कपड़े दिलाने के बहाने अपने साथ ले गई। पहले उसे रुड़की से सहारनपुर और फिर ट्रेन के जरिए दिल्ली ले जाया गया। इस दौरान बच्ची का मोबाइल बंद करा दिया गया ताकि वह अपने घर संपर्क न कर सके।
दिल्ली में पैसे खत्म होने पर आरोपी महिला ने बच्ची को भीख मांगने के लिए तैयार करने की कोशिश की। इसके बाद उसे मंगलौर ले जाने का झांसा देकर बैंगलोर ले जाया गया, जहां अपने परिचित के घर पर रखकर उसे बड़े शहरों में भीख मंगवाने और अन्य गलत कार्यों में धकेलने की योजना बनाई जा रही थी।
पीड़िता की मां की तहरीर पर थाना पिरान कलियर में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के जरिए आरोपी की लोकेशन दिल्ली, लखनऊ, मध्यप्रदेश होते हुए अंततः कर्नाटक में ट्रेस की। 16 अप्रैल को पुलिस टीम कर्नाटक पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी महिला को गिरफ्तार कर नाबालिग बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया।
पीड़िता की मां बेहद गरीब और बीमार है, जो भीख मांगकर अपने बच्चों का पालन-पोषण करती है। पुलिस की तत्परता से बच्ची को सकुशल वापस लाकर मां को उसकी खुशियां लौटा दी गईं।
समय रहते बड़ी घटना को टालने पर स्थानीय लोगों ने हरिद्वार पुलिस की सराहना की। एसएसपी ने भी पुलिस टीम की तत्परता की प्रशंसा की।
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