रुड़की : (फरमान मलिक) आईआईटी रुड़की ने देश के नेट जीरो 2070 लक्ष्यों को समर्थन देने के लिए अल्ट्रा लो हेड और हाइड्रोकाइनेटिक टर्बाइनों के अनुसंधान एवं विकास हेतु एक नई अत्याधुनिक सुविधा स्थापित की है। यह सुविधा जल एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग में विकसित की गई है, जिसे देश में अपनी तरह की पहली पहल माना जा रहा है।

इस सुविधा का उद्घाटन नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव संतोष कुमार सारंगी द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि लघु जलविद्युत परियोजनाएं ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में ऊर्जा उपलब्ध कराने के साथ-साथ बड़े स्तर पर रोजगार सृजन में भी अहम भूमिका निभाएंगी।
एमएनआरई के सहयोग से प्रो. अरुण कुमार के नेतृत्व में विकसित इस सुविधा में अल्ट्रा लो हेड लैब और हाइड्रोकाइनेटिक टर्बाइन यूनिट शामिल हैं, जहां कम जलस्तर पर भी बिजली उत्पादन के लिए नई तकनीकों का परीक्षण किया जाएगा। यह तकनीक विशेष रूप से नहरों, जल शोधन संयंत्रों और छोटे जल स्रोतों में उपयोगी साबित होगी।
आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत ने कहा कि यह पहल स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा समाधान को बढ़ावा देने के साथ देश के ऊर्जा लक्ष्यों को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान सचिव ने संस्थान में चल रहे हाइड्रो, सौर, बायोमास, हाइड्रोजन और अन्य ऊर्जा परियोजनाओं की भी समीक्षा की। यह पहल देश में सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
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