लंढौरा (हरिद्वार): उत्तराखंड सरकार भले ही अवैध खनन पर सख्ती के दावे कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से बिल्कुल अलग नजर आ रही है। लंढौरा क्षेत्र इन दिनों खनन माफियाओं का सुरक्षित अड्डा बनता जा रहा है, जहां दिन-रात अवैध खनन का खेल बेखौफ तरीके से जारी है।

शाम ढलते ही डंपरों की आवाजाही तेज हो जाती है और अवैध रूप से मिट्टी का खनन कर भराव का काम शुरू कर दिया जाता है। सूत्रों के अनुसार इस खनन के लिए किसी प्रकार की प्रशासनिक अनुमति नहीं ली गई है, इसके बावजूद नियमों को खुलेआम नजरअंदाज किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस चौकी के पास ही यह सब होने के बावजूद कोई सख्त कार्रवाई नहीं हो रही। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि क्या प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं है या फिर जानबूझकर अनदेखी की जा रही है।
अवैध खनन के कारण सरकार को हर दिन लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है, वहीं क्षेत्र में कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लगातार बढ़ती इस गतिविधि से साफ है कि लंढौरा अब खनन माफियाओं के लिए एक सुरक्षित ठिकाना बनता जा रहा है, जहां बिना किसी डर के यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है।
अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और अवैध खनन पर कब तक प्रभावी रोक लग पाती है।
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