रुड़की, हरिद्वार। फोनिक्स विश्वविद्यालय, इमलीखेड़ा में 84 उत्तराखंड बटालियन एनसीसी, रुड़की के तत्वावधान में चल रहे प्री थल सेना शिविर में बुधवार को साइबर जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक देहात, हरिद्वार श्री शेखर सुयाल ने एनसीसी कैडेट्स को साइबर अपराधों से बचाव, इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग तथा सोशल मीडिया पर बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी।

श्री शेखर सुयाल ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में तकनीक के साथ-साथ साइबर अपराधों का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। विशेष रूप से छात्र-छात्राओं को इंटरनेट और सोशल मीडिया का उपयोग करते समय अत्यधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने कैडेट्स को अनजान लिंक पर क्लिक न करने, संदिग्ध संदेशों का जवाब न देने तथा किसी भी व्यक्ति के साथ अपनी निजी जानकारी, पासवर्ड, ओटीपी अथवा बैंक संबंधी विवरण साझा न करने की सलाह दी।

उन्होंने विशेष रूप से महिला कैडेट्स को साइबर सुरक्षा के प्रति अधिक सजग रहने की सलाह देते हुए कहा कि मोबाइल में किसी भी प्रकार का एप्लीकेशन केवल विश्वसनीय स्रोत से ही डाउनलोड एवं इंस्टॉल करें तथा किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई ऐप इंस्टॉल न करें। उन्होंने मलाला यूसुफजई के जीवन से जुड़े प्रसंग का उल्लेख करते हुए छात्राओं को सतर्क, आत्मविश्वासी और जागरूक रहने का संदेश दिया।

श्री सुयाल ने कहा कि आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के माध्यम से फोटो, वीडियो और आवाज में भी बदलाव संभव है। इसलिए इंटरनेट पर उपलब्ध प्रत्येक सामग्री को सही मानने के बजाय उसकी सत्यता की जांच करना जरूरी है। उन्होंने कैडेट्स से अपील की कि वे इंटरनेट का उपयोग आवश्यकता और ज्ञानवर्धन के लिए करें, लेकिन साइबर सुरक्षा के नियमों का पालन करते हुए सीमित और सावधानीपूर्वक उपयोग करें।

इस अवसर पर कैंप कमांडेंट कर्नल जगदीश अलमिया ने कहा कि एनसीसी का उद्देश्य केवल सैन्य प्रशिक्षण देना ही नहीं, बल्कि कैडेट्स को एक जिम्मेदार, अनुशासित और जागरूक नागरिक बनाना भी है । वर्तमान समय में साइबर सुरक्षा प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है और कैडेट्स इस जागरूकता को अपने परिवार एवं समाज तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

डिप्टी कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल अमन कुमार सिंह ने कहा कि डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित एवं जिम्मेदारी से उपयोग समय की आवश्यकता है। उन्होंने कैडेट्स से साइबर अपराधों के प्रति स्वयं जागरूक रहने तथा अन्य लोगों को भी जागरूक करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान कैंप एडजुटेंट कैप्टन सुशील कुमार आर्य, कैप्टन आलोक कंडवाल, फर्स्ट ऑफिसर संजीव कुमार, सेकंड ऑफिसर सुशील कुमार, सेकंड ऑफिसर रेणु देवी, ऑनरेरी लेफ्टिनेंट अमर सिंह, सूबेदार सुभाष चंद्रा, बीएचएम केशवानंद, हवलदार पूर्ण सिंह, ईएसएम सत्येंद्र सिंह, ईएसएम सुबोध कुमार, मंगल सिंह, गोविंद सिंह एवं प्रशिक्षण अधीक्षक रवि कपूर सहित एनसीसी अधिकारी, प्रशिक्षक एवं बड़ी संख्या में कैडेट्स उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में कैडेट्स ने साइबर सुरक्षा के नियमों का पालन करने तथा अन्य लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।

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