हरिद्वार : (फरमान मलिक) जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने आज मंगलवार को परिवहन कार्यालय का निरीक्षण कर विभागीय व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने परिवहन विभाग द्वारा ई-रिक्शा चालकों के लिए चलाए जा रहे सत्यापन अभियान की प्रगति की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ई-रिक्शा चालकों को सत्यापन अभियान के उद्देश्य की जानकारी देते हुए यातायात नियमों के पालन, सुरक्षित संचालन और यात्रियों की सुरक्षा के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि केवल सत्यापित चालक और सत्यापित ई-रिक्शा ही सड़कों पर संचालित हों, ताकि अवैध और अनियंत्रित ई-रिक्शा संचालन पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि बिना सत्यापन के किसी भी ई-रिक्शा का संचालन किसी भी स्थिति में न किया जाए।
इस अवसर पर जिलाधिकारी द्वारा सत्यापित ई-रिक्शाओं पर रूट-वाइज रंग-कोडित क्यूआर स्टिकर स्वयं चस्पा किए गए। यह क्यूआर स्टिकर पुलिस द्वारा चालक एवं मालिक के सत्यापन तथा आरआई द्वारा वाहन सत्यापन के उपरांत ही जारी किए जा रहे हैं। क्यूआर कोड स्कैन करने पर संबंधित ई-रिक्शा का संपूर्ण सत्यापन विवरण प्रदर्शित होता है।
यह अभियान जिला सड़क सुरक्षा समिति द्वारा स्वीकृत मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य ई-रिक्शा संचालन में पारदर्शिता, अनुशासन और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। जिलाधिकारी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनहित और सड़क सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया तथा अभियान को निरंतर प्रभावी रूप से संचालित किए जाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यालय परिसर में उपस्थित ई-रिक्शा चालकों से संवाद कर सत्यापन अभियान से संबंधित जानकारी भी प्राप्त की। इस मौके पर एआरटीओ (प्रशासन) निखिल शर्मा, एआरटीओ (प्रवर्तन) नेहा झा सहित परिवहन विभाग के सभी संबंधित कार्मिक उपस्थित रहे।


