देहरादून : (फरमान मलिक) लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही बीसीए की एक छात्रा की प्री-मेच्योर डिलीवरी के कुछ दिन बाद मौत हो जाने से नवजात के भविष्य को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बन गई है। मामला सामने आने के बाद बाल कल्याण समिति ने भी संज्ञान लिया है।

जानकारी के अनुसार खटीमा निवासी युवती देहरादून में बीसीए की पढ़ाई कर रही थी और यहीं एक युवक के साथ लिव-इन में रह रही थी। कुछ दिन पूर्व उसकी तबीयत बिगड़ने पर सिजेरियन ऑपरेशन के जरिए समय से पहले डिलीवरी कराई गई थी। जन्म के बाद से नवजात को अस्पताल के एनआईसीयू में भर्ती रखा गया है।

बीते रविवार प्रसूता की मौत हो गई। प्रारंभ में युवक ने स्वयं को बच्चे का पिता बताते हुए उसे अपनाने की सहमति जताई थी, लेकिन बाद में उसने जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद दोनों परिवारों के बीच बच्चे को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई।

अस्पताल प्रशासन ने इस संबंध में बाल कल्याण समिति को लिखित सूचना दी है। अस्पताल का कहना है कि नवजात को अधिक समय तक एनआईसीयू में रखना संभव नहीं है, इसलिए उसके संरक्षण को लेकर शीघ्र निर्णय आवश्यक है।

बाल कल्याण समिति ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए चाइल्ड हेल्पलाइन को निर्देश दिए हैं कि आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण और औपचारिकताएं पूरी कर नवजात को समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। बच्चे के हित को प्राथमिकता देते हुए उसे शिशु गृह में भेजने की तैयारी की जा रही है।

फिलहाल संबंधित विभाग नवजात की देखभाल और भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की प्रक्रिया में जुटे हुए हैं।

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