रुड़की : (फरमान मलिक) रुड़की नगर निगम में समान नागरिक संहिता (UCC) पोर्टल पर विवाह, तलाक और लिव-इन जैसे संबंधों के पंजीकरण को लेकर एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नगर आयुक्त राकेश चन्द्र तिवारी ने की, जिसमें सीएससी वीएलई प्रतिनिधियों और अन्य संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में निर्देश दिए गए कि यूसीसी पोर्टल पर पंजीकरण के लिए कोई भी सीएससी वीएलई शासन द्वारा निर्धारित शुल्क से अधिक नहीं लेगा। पंजीकरण प्रक्रिया की जागरूकता बढ़ाने के लिए नगर निगम द्वारा वार्ड स्तर पर कैंप, प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर कटआउट, पंपलेट वितरण और अन्य प्रचार माध्यमों का सहारा लिया जाएगा।

राकेश चंद्र तिवारी ने बताया कि जो युगल एक माह से अधिक समय से लिव-इन संबंध में रह रहे हैं, उन्हें पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही, विधवा या विधुर व्यक्तियों को भी पंजीकरण की अनिवार्यता के दायरे में लाया गया है।

बैठक में बताया गया कि पंजीकरण से पासपोर्ट, वीजा जैसी प्रक्रिया में सहूलियत मिलती है और यह सामाजिक सुरक्षा व महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। साथ ही, पंजीकरण के दौरान आधार कार्ड बायोमेट्रिक सत्यापन, उपनाम में लचीलापन, त्रुटि सुधार की सुविधा जैसी कई तकनीकी सहूलियतें भी प्रदान की जाएंगी।

नगर क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक समय से रह रहे विवाहित या लिव-इन युगलों को भी अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराने का निर्देश जारी किया गया है। PG संचालकों व मकान मालिकों को भी इस विषय में जागरूक करने का आह्वान किया गया।

बैठक में नगर आयुक्त राकेश चन्द्र तिवारी, नोडल अधिकारी यूसीसी एसपी गुप्ता, राजस्व अधिकारी गिरीश चन्द्र सेमवाल, कर अधीक्षक शैलेन्द्र रावत, कार्यालय अधीक्षक विनोद श्रेय और योजना प्रभारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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