पिरान कलियर : (फरमान मलिक) हजरत मखदूम अलाउद्दीन अली अहमद साबिर पाक रह. के 758वें सालाना उर्स का आगाज गुरुवार को परचम कुशाई की रस्म के साथ हुआ। दरगाह के मुख्य द्वार पर सज्जादा नशीन शाह अली ऐजाज़ कुद्दुसी साबरी की सरपरस्ती में यह रस्म अदा की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में जायरीन और अकीदतमंद दरगाह परिसर में मौजूद रहे।
परचम फहराए जाने के साथ ही दरगाह परिसर अकीदत और रूहानियत से सराबोर नजर आया। जायरीनों ने साबिर पाक की दरगाह पर हाजिरी देकर मुल्क में अमन, खुशहाली और भाईचारे के लिए दुआ मांगी। इस दौरान परिसर में दाता करीम, साबिर मौला करीम साबिर के नारों की गूंज सुनाई देती रही।
परचम कुशाई के बाद सज्जादा नशीन शाह अली ऐजाज़ कुद्दुसी साबरी ने देश-दुनिया में अमन और आपसी भाईचारे के साथ खुशहाली व तरक्की की दुआ की। उन्होंने दरगाह पर पहुंचे सभी अकीदतमंदों के लिए भी दुआ की।
बरेली से 38वां परचम लेकर पहुंचा जत्था
उर्स की परंपरा के अनुसार बरेली से 38वां परचम लेकर करीब 150 अकीदतमंदों का जत्था पिरान कलियर पहुंचा। वसीम साबरी की सरपरस्ती में पहुंचे इस जत्थे ने नौगजा पीर से परचम के साथ जुलूस निकाला। जुलूस के कलियर पहुंचने पर साहिबजादा शाह यावर ऐजाज़ ने वसीम साबरी समेत जत्थे में शामिल सभी अकीदतमंदों का स्वागत किया।
इसके बाद परचम को अकीदत और सम्मान के साथ दरगाह साबिर पाक के मुख्य द्वार तक पहुंचाया गया। यहां सज्जादा नशीन की मौजूदगी और सरपरस्ती में परचम कुशाई की रस्म पूरी की गई।
नोमी मियां साहब ने दी उर्स की मुबारकबाद
नोमी मियां साहब ने 758वें सालाना उर्स के आगाज पर सभी अकीदतमंदों को मुबारकबाद देते हुए कहा कि साबिर पाक की दरगाह हमेशा से अमन, मोहब्बत और भाईचारे का पैगाम देती आई है। उन्होंने कहा कि उर्स में देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले जायरीन आपसी प्रेम और सद्भाव की मिसाल पेश करते हैं। उन्होंने साबिर पाक के दरबार में हाजिरी देने वाले सभी अकीदतमंदों के लिए दुआ करते हुए मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली और तरक्की की कामना की।
अमन और भाईचारे का पैगाम
परचम कुशाई के साथ ही कलियर में उर्स का रूहानी माहौल और गहरा हो गया। देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे जायरीन दरगाह पर हाजिरी देकर अमन, मोहब्बत, भाईचारे और खुशहाली की दुआ कर रहे हैं। उर्स की आगामी रस्मों में भी बड़ी संख्या में अकीदतमंदों के पहुंचने की उम्मीद है।
इस दौरान यासिर ऐजाज़ कुद्दुसी साबरी, शाह सुहैल, अहसन मियाँ,शाह ग़ाज़ी, असद मियाँ,शफ़ीक़ साबरी, मेराज साबरी,तोकीर मियाँ,मानु मियाँ,कमाल साबरी, समीर साबरी और सलीम साबरी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।



