देहरादून : (फरमान मलिक) अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी के नाम का खुलासा करने और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग को लेकर सुराज सेवा दल ने देहरादून में जोरदार प्रदर्शन किया। रविवार को दल के अध्यक्ष रमेश जोशी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता परेड ग्राउंड से मुख्यमंत्री आवास की ओर पैदल कूच के लिए निकले।

मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रास्ते में ही भारी पुलिस बल ने रोक लिया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने रमेश जोशी, इंतजार प्रधान सहित कई प्रमुख कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर बसों के माध्यम से धरना स्थल से दूर भेज दिया। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया।

बताया गया कि रमेश जोशी और इंतजार प्रधान पहले से ही अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर दीनदयाल उपाध्याय पार्क में अनशन पर बैठे हुए थे। कड़ाके की ठंड के बावजूद कार्यकर्ता पूरी रात धरना स्थल पर डटे रहे और अपनी मांगों पर अड़े रहे।

इस दौरान रमेश जोशी ने आरोप लगाया कि सरकार दोषियों को बचाने का हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जब तक इस मामले की निष्पक्ष सीबीआई जांच नहीं होती, तब तक वह और उनके कार्यकर्ता अनशन समाप्त नहीं करेंगे। उन्होंने उर्मिला सनावर का नाम लेते हुए कहा कि उन्होंने केवल वीआईपी के नाम का खुलासा किया है, इसमें कोई अपराध नहीं है, इसके बावजूद उन पर लगातार मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।

वहीं इंतजार प्रधान ने कहा कि सभी कार्यकर्ता अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए सड़कों पर उतरे हैं। यदि इस मामले में निष्पक्ष सीबीआई जांच नहीं कराई गई तो रमेश जोशी के नेतृत्व में देशभर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा और चक्का जाम तक किया जाएगा।

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